🧵 राष्ट्रीय शिल्प और पारंपरिक कलाइस लेख में
3/10/2026
कुम्हारी में मिट्टी के बर्तन बनाए जाते हैं। मिट्टी को जितना अधिक अच्छी तरह गूँथा और तैयार किया जाता है, उतनी ही बेहतर मिट्टी के बर्तनों की गुणवत्ता होती है। कुम्हारी में मुख्य उपकरण कुम्हार का चाक होता है; कारीगर उसी पर बर्तन बनाता है और उन्हें आकार देता है। तैयार किए गए बर्तनों को पहले सुखाया जाता है, फिर भट्टी में पकाया जाता है। बर्तनों के प्रकार के अनुसार भट्टियाँ भी अलग-अलग आकार की (बड़ी या छोटी) हो सकती हैं। जिन बर्तनों पर चमकदार परत (ग्लेज़) चढ़ाई जाती है, उन्हें ग्लेज़ करने के बाद फिर से भट्टी में पकाया जाता है। आमतौर पर कुम्हार कुछ विशेष प्रकार के बर्तन बनाने में विशेषज्ञ होते हैं (जैसे कटोरे बनाने वाले, घड़े बनाने वाले, टाइल बनाने वाले, तंदूर बनाने वाले आदि)।